////विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर तथागत समाज कल्याण समिति को सम्मानित किया गया ////
भिलाई 10 अगस्त वेब वार्ता.विश्व आदिवासी दिवसपर भिलाई इस्पात संयंत्र, एससी/एसटी एम्पलाइज एसोसिएशन के तत्वावधान में डॉ. अम्बेडकर प्रेरणा स्थल, सेक्टर-6, भिलाई में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अतिथियों ने शहीद वीर नारायण सिंह जयंती स्टेडियम में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह जी. एवं बस्तर क्षेत्र के प्रथम शहीद श्री गेंद सिंह जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें आदिवासी समाज ने पुष्पाजली अर्पित की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के आर शाह, संपादक ने प्रेरणा स्थल में स्थित महापुरुषों के मूर्तियों पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरूआत की, उन्होने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान परिस्थितियां बहुत विकट है, हमे अपने जल जंगल जमीन के सरक्षण के लिए जागरूक होकर एक साथ सघर्ष करना होगा। इन संसाधनों को अंधाधुंध दोहन मानव जीवन को ही खतरे में डाल सकता है। हम सब आदिवासी प्रकृति प्रेमी हैं. यदि हम प्रकृति के साथ विकास करेंगे तो मानव जीवन सुखी रहेगा, यदि हम प्रकृति के विपरीत विकास का मार्ग विनाश की ओर ले जायेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एसोसिएशन के अध्यक्ष कोमल प्रसाद ने कहा कि आज हम विश्व आदिवासी दिवस पर सगोष्ठी का आयोजन कर यह संदेश देने में सफल हुए है कि हम सब एक है और अपने एससी/एस टी वर्गों के सभी समुदायों को शिक्षा, सामाजिक, आर्थिक एवं आत्म सम्मान के लिये जागरूक रहना होगा। यह एक ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक पर्व है इस पर्व के माध्यम से सर्व आदिवासी समाज को संगठित होने का सुनहरा अवसर प्राप्त होता है l
विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर तथागत समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल साखरे महासचिव धनंजय मेश्राम प्रवीण डोंगरे, कमलराज मेश्राम रविंद्र गाडगे संजय वानखेड़े
सम्मानित किया गया
कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार रात्रे ने किया।इस पावन अवसर पर दिनेश नेताम, कार्यपालन अधिकारी नगर निगम दुर्ग, घनेश्वर सिंह धुर्वे, जिलाध्यक्ष छ.ग. अनु जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ दुर्ग, डॉ. कृपाराम ठाकुर, आयुष चिकित्सा अधिकारी, . पी आर उइके, पूर्व अध्यक्ष गोंडवाना संघ भिलाई, श्रीमती चंद्रकला तारम्, मातृ शक्ति संगठन, श्रीमती अश्लेष मरावी, अध्यक्षा मातृ शक्ति संगठन, मान. श्याम लाल नेगी, सहा महाप्रबंधकच, भिलाई इस्पात संयन्त्र, एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बहादुर जयसवारा, भारतीय बौद्ध महासभा के अध्यक्षा श्रीमती सविता मेश्राम, रेशमा आनद ने भी अपने विचार व्यक्त किए