भिलाई 5 फ़रवरी वेब वार्ता..छत्तीसगढ़ में बनी नीतूराज फिल्म निर्मित हिंदी फिल्म** रमाईका रिलीज दुर्गा के तरुण थिएटर एवं भिलाई के वेंकटेश्वरा थिएटर में 6 फरवरी 2026 से एक साथ रिलीजिंग होने जा रहा है, संविधान के जनक कहे जाने वाले डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के जीवन संघर्ष में उनकी पत्नी रमाई*की भूमिका, जिसमें उसके संघर्ष, बलिदान, त्याग और बाबा साहब के जीवन के कुछ अनसुने पहलुओं को दिखाया गया है! फिल्म के निर्माता कृष्ण चौहान जो की छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी बाहुल्य जिला बस्तर जगदलपुर के निवासी हैं निर्माता का कहना है कि आज के जीवन में महिला सशक्तिकरण परिवार के अभिन्न अंगों में से एक है और परिवार में महिला द्वारा अपने परिवार की शिक्षा, समृद्धि और विकास में पूरी लगन के साथ त्याग, बलिदान, संघर्ष और कमजोर आर्थिक स्थितियों से जूझकर अपने चार-चार बच्चों का बलिदान करते हुए भारतीय संविधान निर्माता डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को विदेश में जाकर 32 डिग्रियां और 9भाषाओं के ज्ञान प्राप्त करने में पूरी तरह साथ दिया, साथ ही बाबासाहेब के जीवन के कुछ ऐसे पहलुओं पर नजर डाला गया है जिसके बारे में शायद ही कोई जानता हो, बाबा साहब ऐसी शख्सियत रहे हैं जिन्होंने संविधान के जनक, सिंबल का नॉलेज बनाकर सभी लोगों को जो हक दिया है वह दुनिया के किसी भी संविधान में नहीं है या फिल्मरमाई*पर बनी बॉलीवुड की पहले हिंदी फिल्म है जिसकी पूरी शूटिंग दुर्ग, भिलाई, के आसपास क्षेत्रो में हुई है! अपने चार बच्चों के प्राणों की आहुति देकर अपने पति की संग अस्पृश्यता मिटाने के लिए अपना सर्वस्व अर्पण किया था वह है– रमाई ! इस फिल्म के सहायक निर्माता राजकुमार रामटेके के अनुसार इस फिल्म में बाबा साहब अंबेडकर की मुख्य भूमिका में डॉक्टर उदय धाबरडे, रमाई की भूमिका में प्रेरणा धाबरडे, है फिल्म में छत्रपति शाहू महाराज जी की भूमिका में दिग्गज फिल्म अभिनेता रजा मुराद ने बखूबी अपने अभिनय का प्रदर्शन कियाहै, वही ओमकार दास मानिकपुरी (नत्था) भूलन कांदा फेम ने बड़े भाई आनंद की भूमिका निभाई है इस फिल्म में मुंबई, इलाहाबाद, औरंगाबाद नागपुर गोंदिया और दुर्ग भिलाई के कलाकारों ने किरदार निभाया है सहायकनिर्माता राजकुमार रामटेके और डायरेक्टर कबीर दा द्वारा यह प्रयास किया गया कि छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय और स्थानीय कलाकारो को अभिनय का मौका देकर बॉलीवुड हिंदी फिल्मी दुनिया के मंच से जोड़ा जाए और वे बहुत प्रसन्न है कि इस प्रयास में उन्हें भारी सफलता मिली है तथा अपने प्रयास से समस्त कलाकारों को बॉलीवुड मंच तक पहुंचाया है क्षेत्रीय व स्थानीय कलाकारों ने भी अपने-अपने पात्र का सराहनीय अभिनय प्रस्तुत किया हैसहायक निर्माता राजकुमार रामटेके का कहना है की इस फिल्म के निर्माण में उनके दो साथी शैलेंद्र भगत और प्रवीण वासनिक जी ने उनके दाएं और बाएं हाथ का काम करते हुए फिल्म निर्माण में अपूर्ण सहयोग दिया है! इस फिल्म के अन्य कलाकार संजय बनसोडे जो की औरंगाबाद से हैं उन्होंने बाबा साहब के पिता जी का रोल निभाया है साथ ही इस फिल्म में अशोक देवलिया, पुरुषोत्तम अगासे,, रवि पाटिल तथा बाल कलाकार क्रिविनल, मुनेश्वर, हिमांशु उके ने कार्य किया है इस फिल्म के डायरेक्टर कबीर दा, संगीतकार एवं बैकग्राउंड म्यूजिक दिनेश अर्जुना मुंबई, आर्ट डायरेक्टर प्रवीण वासनिक, प्रोडक्शन हेड शैलेंद्र भगत एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर अंकुश ठाकुर, कैमरामैन सुमित सोनी, एडिटर एंड हेड साउंड बाबू आमिना, एडिटर अलमास खान, पी आर ओ संजय भूषण पटियाला है फिल्म के गीतकार डॉक्टर श्री कृष्णा राऊत, गौतम शिंदे हैं फिल्म में गानों को स्वर दिया है बॉलीवुड सिंगर वैशाली माडे, संजीवनी बेलॉन्डे, दिनेश अर्जुना, डॉ नेहा राजपाल के मधुर आवाज में रिकॉर्ड किया गया है फिल्म के सहायक निर्माता राजकुमार रामटेके ने सभी से आग्रह किया है कि वे इस फिल्म को देखें और महिला द्वारा अपने परिवार के सदस्यों के आर्थिक सामाजिक और शिक्षा के क्षेत्र में अधिक से अधिक विकास के लिए क्या-क्या कर सकती है यही कहानी बताती है या फिल्म रमाई!
