रायपुर 16 अक्टूबर ।वेब वार्ता- छत्तीसगढ़ में धान को लेकर फिर से सियासत तेज होती जा रही है, किसान संगठनों ने धान खरीदी को लेकर नई मांग की है।
किसानों की मांग का कांग्रेस ने भी समर्थन किया है। प्रदेश की राजनीति में किसान एक प्रमुख मुद्दा है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां किसानों को साधने की कोशिश में रहती हैं और यही कारण है कि धान खरीदी के समय एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है।
बता दें कि, छत्तीसगढ़ राज्य में धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये है और अबकी बार किसान संगठन चाहते हैं कि धान की खरीदी 3217 रुपये में की जाए।
किसान संगठनों की इस मांग का छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भी समर्थन किया है।
पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने एक एकड़ में 21 क्विटंल और 3100 रुपये में धान खरीदी का वादा किया था, राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद किसानों की धान 3100 रुपये में खरीदी गई थी।
उस समय केंद्र सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 2203 रुपये तय किया था, लेकिन छत्तीसगढ़ के किसानों की धान 3100 में खरीदी गई इस तरह से छत्तीसगढ़ क़े किसानों को 897 रुपये ज्यादा मिले थे।
धान खरीदी क़े दाम बढ़ाये जाने कि मांगो क़े लिए तर्क दिया जा रहा है कि,
” इस बार केंद्र सरकार ने धान के समर्थन मूल्य में 117 रुपये की वृद्धि की है “
ऐसे में, किसान संगठन चाहते हैं कि इस बार छत्तीसगढ़ में 3100 के समर्थन मूल्य में 117 रुपये को और जोड़ा जाए और इस तरह से धान 3217 रुपये के समर्थन मूल्य में खरीदे।
इसके लिए प्रदेश के किसान, सरकार की नई धान खरीदी नीति का इंतजार कर रहे हैं।
