कल सियासत में भी मोहब्बत थी…..
अब मोहब्बत में भी सियासत है…..
इतिहास के पन्नो से
अनिल साखरे पत्रकार ✍️
*राजनीति और सिनेमा दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें हाई- वोल्टेज ड्रामा की उम्मीद की जाती है। इंडस्ट्री में राजनीतिक एजेंडे पर फिल्में बनाने का चलन पुराना है। इसमें नया नाम जुड़ा है कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' का... हालांकि,भारी विवाद के चलते यह फिल्म एक बार फिर टाल दी गई है*। *लेकिन कंगना रनौत की इमरजेंसी पहली फिल्म नहीं है,जो राजनीति के शोर के चलते टाली गई हो। इससे पहले हिंदी सिनेमा में कई फिल्में बनीं,जो राजनीति की भेंट चढ़ गईं,नेताओं,संगठनों को पसंद नहीं आईं, खास कर पूर्व पीएम के जीवन पर बनी फ़िल्में...*किस्सा कुर्सी का-शबाना आजमी राजबब्बर,सुरेखा सीकरी अभिनीत यह फिल्म भी विवादित राजनीतिक ड्रामा साबित हुई*। *अमृत नाहटा के निर्देशन में फिल्म 1974 में बनकर तैयार हुई थी*। *सन 1975 में आपातकाल लगने के कारण इसकी रिलीज को टाल दिया गया था। आपातकाल के दौरान तब की सरकार ने इस फिल्म को देखा, इसमें बदलाव भी करने को कहा*। *साथ ही इसके प्रिंट भी जब्त किये गए। किसी तरह सन 1978 में किस्सा कुर्सी का रिलीज हुई। लेकिन राजनीतिक व्यंग्य के तौर पर इस फिल्म की खूब चर्चा हुई*।*आंधी*- *आपातकाल के दौरान संजीव* *कुमार,सुचित्रा सेन की फिल्म आंधी भी रिलीज के लिए तैयार थी*। *निर्देशक गुलजार की फिल्म पर तब की पीएम इंदिरा गांधी और उनके पति के बीच संबंधों को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगा।हालांकि,1977 में जब इंदिरा की सरकार गिरी तो आंधी की रिलीज का भी रास्ता साफ हुआ*। *इंदु सरकार-कंगना की इमरजेंसी से पहले निर्देशक मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार 1975 भी इमर जेंसी के दौर की कहानी को बड़े पर्दे पर दिखा चुकी है*। *इस फिल्म को लेकर खूब राजनीतिक लाभ उठाया गया। कांग्रेस ने इस फिल्म का कड़ा विरोध किया। इंदु सरकार की रिलीज डेट को आगे नहीं बढ़ाया गया और इसे 2017 में रिलीज किया गया*। *इमरजेंसी- कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी 6 सितंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज होनी थी। लेकिन इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी नहीं मिली और सिख समुदाय के ही कुछ लोगों ने इस फ़िल्म को लेकर कोर्ट में याचिकादायर की*। *आरोप है कि फिल्म में सिख समुदाय की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है*। *फिलहाल, इसकी रिलीज को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। वैसे बेलबॉटम, सैम बहादुर और रेड जैसी अन्य बॉली वुड फिल्में हैं, जिनमें कई मशहूर लोगों ने इंदिरा गांधी का किरदार निभाया,सहा यक, सकारात्मक भूमिकाएं होने के कारण,ये फिल्में किसी विवाद में नहीं फंसीं, खासकर कहानी की वजह से*....!
*मोदी सरकार के एक मंत्री,
आपातकाल और जेल..
भाजपा की मोदीनीत भारत सरकार ने 25 जून के दिन को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाया है, जिसमें मृतकों की हत्या को गंभीर साजिश की याद दिलाई गई है।मोदी मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आपात काल के विरोध में सक्रिय थे और जेपी मूवमेंट से जुड़े हुए थे। एक साक्षात्कार में बताया था कि आपातकाल के दौरान वह 18 महीने जेल में रहे ,उस समय आयु 23- 24 के बीच थी।सिंह को इमरजेंसी के दौरान उनके घर से बंदी बनाया गया था, पहले मिर्जापुर की जिला जेल बाद में केन्द्रीय जेल नैनी में रखा गया था। वर्त मान में राजनाथ सिंह, लखनऊ से सांसद हैं। 2014 से 2019 के बीच मोदी सर कार के कार्यकाल में देश के गृहमंत्री भी रह चुके हैं।
अनिल साखरे,”पत्रकार”
