पाटन 15 मार्च वेबवार्ता…ग्राम नारायणपुर धाम (घुघुवा क), तहसील पाटन में स्वर्गीय आचार्य पंडित पवन द्विवेदी जी की पुण्य स्मृति में नव दिवसीय श्री मानस महायज्ञ एवं देवी भागवत कथा का भव्य आयोजन 07 मार्च से 16 मार्च 2026 तक श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिल रही है।
सप्तम दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल उपस्थित हुए। उनके साथ जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष कीर्ति नायक, जिला पंचायत दुर्ग की सभापति नीलम राजेश चंद्राकर, जनपद सभापति प्रणव शर्मा तथा अवधेश शर्मा, जनपद सदस्य संतोषी ठाकुर, कस्तूरी पन्ना बंजारे, सरपंच चेतन चंद्राकर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों द्वारा शाल एवं श्रीफल भेंटकर आत्मीय स्वागत किया गया।
इस अवसर पर कथा वाचक आचार्य रोहन कृष्ण शर्मा द्वारा देवी भागवत कथा का रसपान कराया जा रहा है, जिसे सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हो रहे हैं।
अपने उद्बोधन में सांसद विजय बघेल ने स्वर्गीय आचार्य पंडित पवन द्विवेदी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे पिछले नौ वर्षों से मानस गान करते आ रहे थे और इस क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि जब वे पंडाल में पहुंचे तो उन्हें ऐसा अनुभव हुआ मानो आचार्य पवन द्विवेदी जी आज भी अपने आशीर्वाद के साथ यहां उपस्थित हों।
सांसद बघेल ने कहा कि ईश्वर अच्छे लोगों को अपने पास जल्दी बुला लेते हैं, लेकिन उनके द्वारा किए गए कार्य और संस्कार समाज में हमेशा जीवित रहते हैं। उन्होंने ग्राम नारायणपुर धाम को एक आदर्श धर्मनगरी के रूप में विकसित करने का संकल्प भी व्यक्त किया और कहा कि यदि पुनर्जन्म सत्य है तो वे पुनः इसी पावन भूमि और परिवार में जन्म लेना चाहेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में यहां एक भव्य मंदिर का निर्माण हो, यही आचार्य पवन द्विवेदी जी की भावना थी और इसे पूरा करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता से मिले स्नेह और आशीर्वाद के लिए उन्होंने क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भक्तगण, ग्रामवासी एवं आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे और धार्मिक आयोजन का लाभ प्राप्त किया।
