दल्ली राजहरा में बड़ा हादसा: भिलाई 12 अप्रैल वेबवार्ता बीएसपी सीवरेज लाइन कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौतदल्लीराजहरा। नगर के दास पान ठेला चौक के पास बीएसपी की सीवरेज लाइन पाइप बिछाने के दौरान एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में कार्य करने के दौरान बाजू में सड़क के ऊपर रखे मिट्टी का ढेर अचानक दशकने से दो महिला सहित 1 पुरुष 3 मजदूरो की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार शाम 5.30 बजे की आसपास की है। काफी मशक्कत के बाद मिट्टी के ढ़ेर में दबे तीनों के शव को जेसीबी के माध्यम से बाहर निकाला गया। मृतकों में किशुन कुमार, राकेश कुमार एवं एक महिला मजदूर बैशाखिन शामिल हैं। तीनो वार्ड क्रमांक 2 पडरदल्ली निवासी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बिजनु राम नामक ठेकेदार बीएसपी का ठेके पर लेकर कार्य कर रहा था। लेकिन उनके द्वारा सुरक्षा को नजअंदाज कर मजदूर से कार्य मजदूरो से कार्य कराया जा रहा था। मजदूर लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में घुसकर बीएससी के पुराने सीवरेज पाइप को बदलकर नए पाइप बिछे दो पाइपों के बीच जाइंट को सीमेंट से भर रहे थे। और यह घटना घट गई। जिस जगह घटना घटी ठीक उसी के बाजू से जल आवर्धन योजना का पाइपलाइन गया हुआ था हुआ था। सड़क पर पड़े मिट्टी के दबाव से पहले से बिछे जल आवर्धन योजना का पाइप धसक गया। पाइप और मिट्टी की चपेट में आने से कार्य कर रहे तीनो मजदूर दब गये और उनकी मौत हो गई। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों एवं प्रशासन की मदद से रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा मानकों के इतने गहरे गड्ढे में उतारा गया था। न तो सुरक्षा बेल्ट, न हेलमेट और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के लिए कोई मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।यह हादसा अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।क्या कार्य स्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था?क्या संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों ने मजदूरों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया?और आखिर बिना सुरक्षा इंतजाम के मजदूरों को 10 फीट गहरे गड्ढे में काम करने की अनुमति किसने दी?स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग भी उठ रही है। जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष जीत गुहा नियोगी ने कहा कि बीएसपी एवं ठेकेदार के द्वारा बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य कराने से लगातार मजदूरों की मौत हो रही है। घटना चाहे माइंस के भीतर हो या बाहर मजदूरों के सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ जा रहा है। श्री गुहा ने पीड़ित के परिजनों को बीएसपी में स्थाई नौकरी देने की मांग प्रबंधन से की है। वही नगर के भाजपा नेता स्वाधीन जैन ने कहा कि बीएसपी लगातार अपने कार्यों में मजदूरों का शोषण कर रही है। कार्य के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करा रही है जिससे आए दिन दुर्घटना घट रही है और मजदूर की जान जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही कांकेर लोकसभा के सांसद भोजनाग मौके पर पहुंचे। और राहत कार्य शुरू करने प्रशासन को निर्देश दिए।