कुम्हारी, 6 दिसंबर वेब वार्ता.. भारतीय बौद्ध महासभा, शिव नगर कुम्हारी के तत्वावधान में वार्ड क्रमांक 9 स्थित बुद्ध विहार में संविधान निर्माता बोधिसत्व डॉ. भीमराव अम्बेडकर का 69वाँ परिनिर्वाण दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
सुबह 9 बजे महासभा की अध्यक्ष उपासिका प्रेमलता डोंगरे के नेतृत्व में सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों ने नीले झंडे के नीचे बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा शोक और कृतज्ञता प्रकट की। इसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से त्रिशरण एवं पंचशील ग्रहण किया।
अध्यक्ष प्रेमलता डोंगरे ने कहा, “बाबा साहब ने अपना समस्त जीवन बहुजन समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। संविधान के माध्यम से दलित-पिछड़े वर्गों को अधिकार और सम्मान दिलाकर उन्होंने समता, स्वतंत्रता और बंधुता का मार्ग प्रशस्त किया। वे आज भी बहुजन समाज के प्रकाश-स्तंभ हैं।”
मीडिया प्रभारी सुरेश वाहने ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर शोषित-वंचितों के वैचारिक योद्धा थे। उन्होंने जातिविहीन और शोषणमुक्त समाज की कल्पना की तथा भारत में लुप्तप्राय बौद्ध धर्म को पुनर्जीवित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया तथा अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
संध्या 5 बजे बौद्ध महासभा के उपासक-उपासिकाओं ने बुद्ध विहार से कैंडल मार्च निकाला जो वार्ड की विभिन्न गलियों से होता हुआ पुनः विहार पहुंचकर समाप्त हुआ।
कार्यक्रम में किशन बोरकर, डिगांबर टेंभेकर, अनिल टेंभेकर, अन्नु शिवनकर, सावित्री बाई सहारे, वंदना पाटिल, सुनिता साखरे, वंदना गायकवाड़, दुर्गा वाहने सहित सैकड़ों बौद्ध अनुयायी, आम्बेडकरवादी कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
