रायगढ़ जिले में भी पकड़ाई अफीम की खेती

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रायगढ़ 20 मार्च वेबवार्ता…छत्तीसगढ़ राज्य में दुर्ग जिले के ग्राम समोदा एवं बलरामपुर के चंदाडांडी के बाद अब रायगढ़ जिले में भी अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती पकड़ी गई है, जहां तरबूज, ककड़ी की खेती के बीच करीब एक एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी।
मामले की सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची हुई है, मामला तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत आमाघाट का है।

बताया जा रहा कि आमाघाट के नदी किनारे करीब एक एकड़ में अफीम की खेती हो रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही एसपी, एडिशनल एसपी समेत जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे पहले दुर्ग जिले में करीब पांच एकड़ में अफीम की खेती पकड़ी गई थी, जहां समोदा गांव में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अवैध अफीम की खेती हो रही थी।
इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया गया है, वहीं पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें विकास बिश्नोई (जोधपुर, राजस्थान), विनायक ताम्रकार (तेमरापारा, दुर्ग) और मनीष उर्फ गोलू ठाकुर (समोदा), छोटू राम शामिल हैं, बताया जा रहा है कि इस मामले में संलिप्त कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती है।
फ़िलहाल जांच में सामने आया कि अफीम की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने में छोटू राम की अहम भूमिका थी, जिसे राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है।

यहाँ यह भी बताते चलें कि दुर्ग जिले के बाद बलरामपुर जिले में दो स्थानों पर अफीम की खेती पकड़ी भी गई थी जहाँ झारखंड सीमा से लगे करोंधा थाना क्षेत्र के चंदाडांडी गांव और कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब तीन एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी।
पुलिस ने अफीम की खेती करने के मामले में किसान सहादुर नगेशिया और टुईला राम को गिरफ्तार किया है। टुईला राम ने पुलिस को बताया कि उसके पास खेत नहीं है। उसने गांव के ही रहने वाले रोपना से छह हजार रुपये सालाना देने के शर्त पर खेत को लीज पर लिया था।

बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में अवैध रूप की जा रही अफीम की खेती का और भी मामला आने वाले दिनों में सामने आ सकता है।

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