संस्कृति विभाग छतीसगढ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ के कलाकारों को छला जा रहा है।सुशासन के नाम पर हो रहा बंदर बांट।
भिलाई नगर 12 फरवरी वेब वार्ता।छत्तीसगढ़ के हजारों लोक कलाकारों की सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति देने के बावजूद पिछले एक वर्ष से भुगतान के लिए छतीसगढ शासन संस्कृति विभाग के चक्कर काटने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।उक्ताशय का आरोप छत्तीसगढ़ कलाकार विकास संघ के प्रदेश अध्यक्ष कबीर भजन गायक गीतकार संगीतकार आकाशवाणी दूरदर्शन एवं फिल्म कलाकार नवलदास मानिकपुरी ने लगाया है।
उन्होंने ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा पंजीकृत सांस्कृतिक दल को प्रदेश के विभिन्न गांवों में कार्यक्रम प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। कार्यक्रम की प्रस्तुति के बाद सभी दस्तावेज मय फोटोग्राफ्स जमा करा दिया गया है। उसके बावजूद आज एक वर्ष बाद भी कलाकारों को अपना पारिश्रमिक के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
श्री मानिकपुरी ने कहा कि कार्यक्रम के पश्चात प्रतिभागी कलाकारों का भुगतान करने के लिए कर्ज लेना पड़ता है और गरीब कला दल संचालक एक वर्ष तक ब्याज देने के लिए मजबूर होता है।
प्रदेश अध्यक्ष श्री मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री श्री साय की घोषणा प्रत्येक कला दलों को वर्ष में चौबीस कार्यक्रम देने का स्वागत किया वहीं कहा कि यदि साल भर के बाद भी भुगतान नहीं किए जाने से हम कलाकारों का जीवनस्तर बद से बद्तर होता है तो कलाकारों को शासन द्वारा भुगतान नहीं किया जाता तो कार्यक्रम न दिया जाय।
