प्रज्ञागिरी डोंगरगढ़ में तथागत म्यूजिकल ग्रुप की शानदार प्रस्तुति

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भिलाई। 7 फरवरी। वेब वार्ता ।32 वाँ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महासम्मेलन प्रज्ञागिरी परिसर डोंगरगढ़ में 6 फरवरी 2025 को भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस महासम्मेलन का आगाज प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी विशाल मंच से किया गया। तथागत म्यूजिकल ग्रुप, भिलाई को विशेष रूप से बौद्ध धम्म और बाबा साहब की जीवनी पर आधारित मधुर गीतों की प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया। तथागत म्यूजिकल ग्रुप के द्वारा बौद्ध धम्म एवं बाबा साहब की जीवनी पर आधारित गीतों की मनमोहक प्रस्तुती हजारो की संख्या मे आये बौद्ध एवं अंबेडकर अनुयाइयों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

आप सभी को ज्ञात है कि, प्रज्ञागिरी , डोंगरगढ़ बौद्ध एवं अंबेडकर अनुयाइयों की आस्था का केंद्र है । यहाँ 6 फरवरी को न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्य प्रदेश महाराष्ट्र विदर्भ से लाखों हजारों की संख्या में लोग यहां नमन करने पहुंचते हैं। यह दिन अनुयाइयों के लिए बहुत ही पावन दिन होता है। प्रज्ञा गिरी की स्थापना 1998 में हुई तब से लेकर आज तक निरंतर 6 फरवरी को यह कार्यक्रम महोत्सव के रूप में निरंतर मनाया जाता है । तथागत म्यूजिकल ग्रुप के द्वारा तथागत को नमन करते हुए कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया ग्रुप के फाउंडर मेंबर व गायक धनंजय मेश्राम एवं ग्रुप के सभी साथी कलाकारों के द्वारा सामूहिक वंदन के रूप में तथागत को नमन करते हुए कार्यक्रम का आगाज किया गया।

निरंतर 3 घंटे तक ग्रुप के द्वारा एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी गई जो कि बाबा साहेब अंबेडकर की जीवनी एवं बौद्ध धर्म पर आधारित थी। जिससे एक बहुत ही खूबसूरत शमा बंध गया और लोग इसमें झूम कर अपनी भाव अभिव्यक्ति को तालिया के माध्यम से प्रकट करते रहे । यह प्रथम अवसर है जब अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महासम्मेलन, प्रज्ञा गिरी डोंगरगढ़ में तथागत समाज कल्याण समिति के प्रतिनिधित्व में तथागत म्यूजिकल ग्रुप, भिलाई के द्वारा धम्म गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई ।

भंते सुरेश ससाई जी के द्वारा प्रज्ञा गिरी परिसर में आए विशाल जनसमूह को बुद्ध वंदना से सबको जोड़ा उन्हें बुद्ध वंदना करवाई, तथागत म्यूजिकल ग्रुप के सभी सदस्यों के द्वारा भंते जी को पुष्प भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया और उनका सम्मान किया उन्हें नमन किया। तथागत म्यूजिकल ग्रुप के कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन कल्पना गजभिए के द्वारा किया गया| संचालन अत्यंत ही मनमोहक और शमा बांधने वाला था, शब्दों के हर भाव में इतिहास के कुछ पन्नों को भी जन समूह के समक्ष रखा गया जिसमे प्रमुख रूप से प्रज्ञा गिरि, डोंगरगढ़ के बारे में कल्पना गजभिए जी ने बताता। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से फाउंडर मेंबर अनिल साखरे , धनंजय मेश्राम, सुरेश श्यामकुँवर, आनंद चौहान, अनिल गजभिए के संपूर्ण निर्देशन में इसे आयोजित किया गया। गायक कलाकारों में प्रमुख रूप से धनंजय मेश्राम, सुनीता सुखदेव, भारती खांडेकर, संजय वानखेड़े, प्रियंका, उर्वशी वानखेडे, सुभाष मेश्राम, जयकुमार फुलझेले, शरद वाघमारे, रौनक मेश्राम एवं स्वप्निल बांसोड़ जी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री सम्माननीय विष्णु देव साय जी की उपस्थिति ही कार्यक्रम की भव्यता को दर्शाता है ।

कार्यक्रम को अत्यंत भव्यता और खूबसूरत गीतों से लोगों को शमा बांध के रखने के लिए आयोजन समिति के प्रमुख सभी सदस्यों एवं कार्यकारिणी पदाधिकारी तथा भिलाई से आयें अतिथियों द्वारा सहयोग एवं भूरी भूरी प्रशंसा की गई।

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