भिलाई 3 सप्टेम्बर वेबवार्ता…मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) ने 3 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित CLC कार्यालय में सुलह बैठक बुलाई। बैठक में एच.एम. एस.की ओर से एच.एस.मिश्रा, अध्यक्ष भिलाई श्रमिक सभा ( एच. एम. एस. ) सह कार्यवाहक अध्यक्ष हिंद मजदूर सभा छत्तीसगढ़ सह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, SMEFI उपस्थित थे। इंटक, एटकऔर सीटू यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।बैठक में सेल प्रबंधन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
यह सुलह कार्यवाही 28 अक्टूबर 2024 को प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में दिए गए हड़ताल नोटिस के आधार पर हुई। यह नोटिस सभी पाँच NJCS यूनियनों के साथ-साथ कुछ स्थानीय यूनियनों द्वारा दिया गया था।बैठक के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने निम्नलिखित लंबित मुद्दों को विस्तार से रखा:
39 महीनों का बकाया (Arrears)HRAइंसेंटिवडिसेप्टिव बोनस फॉर्मूला में बदलावप्रतिशोधात्मक/विंदिक्टिव तबादलेRINL में संशोधित वेतनमान का लागू न किया जानातथा श्रमिकों की अन्य वैध लंबित मांगें।
यूनियन प्रतिनिधियों ने वेतन वार्ता की पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रबंधन के नकारात्मक रवैये के अपने अनुभव भी साझा किए।SAIL प्रबंधन ने बकाया राशि के भुगतान पर सहमति देने से इनकार कर दिया और इसके लिए सरकार/इस्पात मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को कारण बताया। प्रबंधन ने यूनियनों द्वारा उठाई गई अन्य वैध मांगों और बकाया मुद्दों पर भी कोई ठोस जवाब नहीं दिया। उन्होंने लंबित मुद्दों को हल करने के लिए NJCS की बैठक बुलाने पर भी सहमति नहीं दी।
एच एम एस यूनियन ने स्पष्ट रूप से मांग की कि MoU को तुरंत MoA में बदला जाए, जिसमें एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट, 39 महीनों का बकाया तथा अन्य वैध बकाया/देय शामिल हों। हमने SAIL और RINL के ठेका श्रमिकों के मुद्दे भी उठाए हैं, जो अब उत्पादन प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं।
अन्य सभी यूनियनों ने भी इन्हीं मांगों के लिए जोरदार दबाव बनाया। यूनियनों ने एकजुट होकर मांग की कि पूर्ण NJCS की बैठक तत्काल बुलाई जाए, ताकि सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा हो और सौहार्दपूर्ण तरीके से उनका समाधान किया जा सके।
क्षेत्रीय श्रम आयुक्त ने प्रबंधन को सर्वसम्मति के माध्यम से समझौते पर पहुंचने की सलाह दी। उन्होंने 20 नवंबर 2026 से पहले मुद्दों का समाधान करने की सलाह दी। हालांकि, श्रम विभाग की ओर से लंबित मुद्दों के समाधान के लिए कोई ठोस निर्देश या उचित दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए।
श्रमिकों को अपनी वैध मांगों को उठाने और NJCS के माध्यम से समझौता कराने की मांग करने के लिए चार्जशीट दी गई है, निलंबित किया गया है और प्रतिशोधात्मक तबादलों का सामना करना पड़ा है।
श्रमिक एकजुट होकर खड़े रहे हैं और उन्होंने हमारे उद्योग को निजीकरण तथा अन्य हमलों से बचाया है। एक बार फिर हमें अपने वैध अधिकारों को सुरक्षित करने और सभी लंबित मुद्दों, जिसमें 39 महीनों का बकाया भी शामिल है, के समाधान के लिए अपने संघर्ष को तेज करना होगा।
यह जानकारी भिलाई श्रमिक सभा (HMS) के महासचिव सह राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य (SMEFI) श्री डी. के. सिंह ने दिया
